“5G आया- सूचना क्रांति लाया”

देश में आज यानी एक अक्टूबर से 5G मोबाइल सर्विसेस की शुरुआत हो गई है। इंडियन मोबाइल कांग्रेस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5G सर्विसेस लॉन्च कीं। 5G के आने से इंटरनेट स्पीड 4G की तुलना में करीब 10 गुना बढ़ जाएगी। एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल ने 8 शहरों से 5G की शुरुआत का ऐलान किया। इनमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, वाराणसी, बेंगलुरु, हैदराबाद और सिलीगुड़ी है। एयरटेल का मार्च 2024 तक पूरे देश में 5G सर्विस पहुंचाने का प्लान है। रिलायंस ने बीते दिनों अपनी AGM में बताया था वो दिवाली तक 4 शहरों- दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई में 5G सर्विस शुरू करेगी। वहीं मुकेश अंबानी ने आज इंडियन मोबाइल कांग्रेस में कहा कि JIO के जरिए दिसंबर 2023 तक देश के हर कोने में 5G सर्विस पहुंचेगी। मुकेश अंबानी ने कहा कि 5G का रोल आउट भारत के दूरसंचार इतिहास में कोई सामान्य घटना नहीं है। देश ने भले ही थोड़ी देर से शुरुआत की हो, लेकिन हम दुनिया की तुलना में उच्च गुणवत्ता वाली और अधिक किफायती 5G सेवाओं को शुरू करेंगे।
पी एम मोदी 5 जी सेवा के लॉन्च पर। 
इंटरनेट की पांचवी जनरेशन-5G
इंटरनेट नेटवर्क के पांचवें जनरेशन को 5G कहते हैं। यह एक वायरलेस ब्रॉडबैंड इंटरनेट सर्विस है, जो तरंगों के जरिए हाई स्पीड इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराती है। इसमें मुख्य तौर पर तीन तरह के फ्रीक्वेंसी बैंड होते हैं।
·         लो फ्रीक्वेंसी बैंड- एरिया कवरेज में सबसे बेहतर, इंटरनेट स्पीड 100 Mbps, इंटरनेट स्पीड कम।
·         मिड फ्रीक्वेंसी बैंड- इंटरनेट स्पीड लो बैंड से ज्यादा 1.5 Gbps, एरिया कवरेज लो फ्रीक्वेंसी बैंड से कम, सिग्नल के मामले में अच्छा।
·         हाई फ्रीक्वेंसी बैंड- इंटरनेट स्पीड सबसे ज्यादा 20 Gbps, एरिया कवर सबसे कम, सिग्नल के मामले में भी अच्छा।
5G शुरू होने से फायदे।
5G शुरू होने के कई सारे फायदे हैं। मसलन यूजर तेज स्पीड इंटरनेट इस्तेमाल कर सकेंगे। वीडियो गेमिंग के क्षेत्र में 5G के आने से बड़ा बदलाव होगा। वीडियो बिना बफरिंग या बिना रुके स्ट्रीम कर सकेंगे। इंटरनेट कॉल में आवाज बिना रुके और साफ-साफ आएगी। 2GB की मूवी 10 से 20 सेकेंड में डाउनलोड हो जाएगी। कृषि क्षेत्र में खेतों की देखरेख में ड्रोन यूज संभव होगा। मेट्रो और बिना ड्राइवर चलने वाली गाड़ियों को ऑपरेट करना आसान होगा। वर्चुअल रियलिटी और फैक्ट्री में रोबोट यूज करना ज्यादा आसान होगा। जबकि इसके शुरू होने के सन्दर्भ में कई गलतफहमियां भी है जैसे कि विमानों के परिचालन में दिक्कतें आ सकती है, पशु-पक्षियों पर इसका बुरा असर पड़ेगा, मानवीय जीवन भी बहुत हद तक प्रभावित होगा? जबकि इन प्रभावों के कुछ ठोस परिणाम को लेकर वैज्ञानिक आश्वस्त नहीं हैं।

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