बिहार में महागठबंधन के बीच तकरार जारी है। एक तरफ़, जहाँ गाँधी मैदान में होने वाली एक महारैली की तिथि बदली पड़ी और दूसरी तिथि 23 जून को तय हुई इसी बीच राज्य में मंत्री रहे और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन मांझी के मंत्री पद से इस्तीफे दे दिया जिसपर सियासत अभी थमा नहीं थी कि कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने पार्टी से इस्तीफा देकर नीतीश कुमार की सरकार को एक और झटका दे दिया है। कुंतल कृष्ण ने सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के तेजतर्रार प्रदेश प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने शनिवार (17/06/23) को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे का ऐलान किया है। कांग्रेस ने 2014 में सिवान के महराजगंज उपचुनाव में कुंतल कृष्ण को टिकट दिया था। हालांकि, वे हार गए थे।

वही कुंतल कृष्ण ने मुख्यमंत्री नीतीश के आगे सरेंडर कर चुकी अपनी पार्टी को भी खरी-खोटी सुनाई। हालिया नीतीश मंत्रिमंडल एक मंत्री के विस्तार की कयावाद को कांग्रेस पार्टी के साथ धोखा बताया और कहा कि सबसे पहले नीतीश जी को कांग्रेस कोटे की सीटें भरनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने ऐसा न कर गठबंधन धर्म के साथ धोखा दिया है और कांग्रेस पार्टी को नीचा दिखाने का काम किया है, यह पार्टी को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। अगर कांग्रेस ऐसा बर्दाश्त करती है तो निश्चित ही अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारेगी। पार्टी को अलविदा कहते हुए कुंतल कृष्ण ने नीतीश कुमार के नेतृत्व का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने हमेशा कांग्रेस का विरोध किया है। वहीं, कांग्रेस ने नीतीश कुमार के आगे आत्मसमर्पण कर दिया है। पटना में 23 जून को विपक्षी दलों की महाबैठक से पहले प्रदेश प्रवक्ता कुंतल कृष्ण के इस्तीफा से कांग्रेस में भी खलबली मच गई है। एक तरफ नीतीश कुमार विपक्ष के सभी दलों को भाजपा के खिलाफ एकजुट करने में जुटे हैं। वहीं, उनके अपने खेमे में ही दरार पड़ रही है।