नई दिल्ली: भारत ने आधारभूत संरचना के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए जोजिला टनल परियोजना का अंतिम ‘ब्रेकथ्रू’ सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। 9 जून को हुई इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ सुरंग के दोनों सिरों को जोड़ दिया गया, जिससे परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच गई।
करीब 13 किलोमीटर लंबी यह सुरंग दुनिया की सबसे लंबी सिंगल-ट्यूब द्वि-दिशीय सड़क सुरंगों में से एक है, जो लगभग 11,500 फीट की ऊंचाई पर हिमालयी क्षेत्र में बनाई जा रही है। इसके चालू होने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में संपर्क बना रहेगा। अभी भारी बर्फबारी के कारण जोजिला दर्रा कई महीनों तक बंद रहता है, जिससे लोगों और सेना दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

यह सुरंग श्रीनगर, कारगिल और लेह के बीच यात्रा को तेज और सुरक्षित बनाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार इससे यात्रा समय में भारी कमी आएगी तथा पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा। साथ ही चीन और पाकिस्तान से लगने वाले संवेदनशील क्षेत्रों तक सेना की आवाजाही और रसद आपूर्ति अधिक सुगम हो जाएगी।
केंद्र सरकार ने इस उपलब्धि को देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और सामरिक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है।