लखीमपुर खीरी कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए दायर की गई याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट एक पीठ का गठन करेगा। प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमण की अगुवायी वाली एक पीठ ने किसानों की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण की उस दलील पर गौर किया, जिसमें कहा गया था कि इस मामले के मुख्य गवाहों में से एक पर हमला किया गया था। भूषण ने पीठ को बताया कि हमला करने वाले लोगों ने गवाह से कहा कि भाजपा की अब जीत हो गई है, वे उसका ख्याल रखेंगे। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि वह मामले की सुनवाई के लिए एक पीठ का गठन करेंगे, जिसने पहले भी इससे जुड़े मामले पर सुनवाई की है। इसके बाद उन्होंने याचिका को बुधवार के लिए सूचीबद्ध किया।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हिंसा में मारे गए किसानों के परिवारों के तीन सदस्यों ने मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा जमानत दिये जाने को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की है। हाल ही में, अधिवक्ता शिव कुमार त्रिपाठी और सी. एस. पांडा ने आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने की मांग करते हुए एक और याचिका दायर की थी, जिनके पत्र पर शीर्ष अदालत ने घटना का स्वत: संज्ञान लिया था।