लक्षद्वीप के स्कूलों में नया यूनिफॉर्म।

देश में बदलाव की लहर है। कहीं बादलों पर विरोध का स्वर तो कहीं स्वागत का धुन सुनाई देती है। कुछ बदलाव तो लोगों का ख़ासा ध्यान भी आकर्षित करते हैं। इसी तरह का बदलाव लक्षद्वीप प्रशासन ने किया है। अब वहां के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सिली हुई स्कूल ड्रेस से लेकर बेल्ट, टाई, जूते, मोजे आदि को बदलने के लिए एक नया ड्रेस पैटर्न लागू किया है। आदेश में हिजाब और स्कार्फ को लेकर कोई भी बात नहीं की गई, जबकि लक्षद्वीप एक मुस्लिम बहुल केंद्र शासित प्रदेश है लेकिन अभी से ही विरोध के स्वर उठाने लगे हैं। लक्षद्वीप के कांग्रेस सांसद मोहम्मद फैजल ने शिक्षा विभाग पर आरोप लगाया कि स्कूलों में पढ़ रही लड़कियों के स्कार्फ और हिजाब पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने की यह उनकी साजिश है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस आदेश में हिजाब और स्कार्फ को लेकर बात ना करना, व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। हम इसके खिलाफ राजनीतिक और कानूनी रूप से लड़ाई लड़ेंगे।

विदित है कि शिक्षा विभाग ने 10 अगस्त को लक्षद्वीप प्रशासन के सभी स्कूलों के प्रिंसिपल और हेडमास्टर को आदेश जारी करते हुए कहा कि स्कूल के सभी बच्चों के यूनिफॉर्म पहनने से उनमें एकजुटता होगी और अनुशासन की भावना भी पैदा होगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि बताए गए यूनिफॉर्म पैटर्न के अलावा कोई दूसरे प्रकार के कपड़े पहनने से बच्चों में एकजुटता प्रभावित होगी। स्कूलों में अनुशासन और ड्रेस कोड को बनाए रखने की जिम्मेदारी स्कूलों के प्रिंसिपल और हेडमास्टर की होगी। लक्षद्वीप एक मुस्लिम आबादी वाला केंद्र शासित प्रदेश है। यहां पर 96 प्रतिशत मुसलमान रहते हैं और हिंदू अल्पसंख्यक हैं। यहां के लोग चाहते हैं कि द्वीप का नाम मिलियम द्वीप हो, क्योंकि यहां के 89 प्रतिशत मिलियम वंश के है। लेकिन भारत ने इसका नाम लक्षद्वीप रखा है। 2023 में लक्षद्वीप की अनुमानित जनसंख्या 66 हजार है। लेकिन 2011 की जनगणना के अनुसार लक्षद्वीप की आबादी 64 हजार 473 है। यहां पुरुषों की आबादी 33 हजार 123 है और महिलाओं की जनसंख्या 31 हजार 350 है

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