झारखंड में धर्मांतरण का खुला खेल।

देश भर में ज़बरन और प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराना एक व्यवसाय बन गया है। प्राप्त जानकरी के अनुसार इसके लिए एक व्यापक नेटवर्क काम कर रहा है। इसके लिए कई प्रकार की कुशल टीमों का गठन भी किया जाय। कुछ राज्यों में तो पुलिस-प्रशासन का सहयोग भी मिल रहा है! सरकारी व्यवस्था मौन साध लेती है और धर्मांतरण का खुला खेल निर्बाध तरीके से चलता रहता है। इसमें से एक राज्य झारखंड भी है। यहाँ भोले-भाले आदिवासी-ग़रीब लोगों को जादू-टोना दिखाकर या छोटी-मोटी लालच देकर ही अपने झांसे में ले लिया जाता है। अंततः कभी-कभी तो पूरा का पूरा गाँव तक को अन्य धर्मों में बदल दिया जाता है। ईसाई मिशनरियों द्वारा राज्य में मतांतरण का खेल बड़े जोर-शोर से खेला जा रहा है। ईसाई धर्म के प्रचार एवं इससे संबंधित पुस्तकें बांटने के नाम पर मिशनरियों से जुड़े लोग टीम बनाकर भोले-भाले लोगों को ईसाई धर्म में मतांतरित होने के लिए राजी कर रहे हैं।

ऐसे ही मतांतरण कराने आंध्र प्रदेश व बिहार से आए ईसाई मिशनरियों से जुड़े डेढ़ दर्जन लोगों को बुधवार (14/06/23) की सुबह गढ़वा शहर के टंडवा मोहल्ले के लोगों ने पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि गढ़वा में ईसाई मिशनरियों से जुड़े करीब 60 लोग मतांतरण कराने दूसरे राज्यों से पहुंचे हैं। ये अलग-अलग टीम बनाकर शहर के अलग-अलग इलाकों में ठहरे हैं। इस टीम में महिलाएं भी शामिल हैं। पकड़े गए लोगों में से एक जी राजू नामक व्यक्ति खुद को सीआरपीएफ का जवान बता रहा है। उसने उत्तर प्रदेश के रामपुर में ड्यूटी होने की बात कही है। इनके पास से बड़ी मात्रा में यीशु मसीह से संबंधित धार्मिक पुस्तकें बरामद की गई हैं। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है तथा फिलहाल कुछ भी कहने से परहेज कर रही है। वहींगढ़वा शहर के टंडवा मोहल्ले के करीब ढाई दर्जन ग्रामीणों ने गढ़वा थाना में आवेदन देकर पकड़े गए लोगों पर जागरूकता एवं टीकाकरण महाअभियान की आड़ में प्रलोभन तथा भय दिखाकर मतांतरण कराने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी करने का अनुरोध किया है।

इस घटना के बाद लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। पकड़े गए लोगों में से ज्यादातर लोग आंध्र प्रदेश के गुंटुर जिला व बिहार के मुंगेर जिले के बताए जा रहे हैं। इन सबका सरगना बिहार के मुंगेर जिला अंतर्गत थाना मुफस्सिल के नवागढ़ निवासी वर्तमान में गढ़वा के टंडवा मोहल्ला निवासी आशुतोष आनंद (पिता मदन प्रसाद) बताया जा रहा हैजो फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है। बताया जा रहा है कि आशुतोष पूरे परिवार के साथ गढ़वा के टंडवा मोहल्ला में किराए के मकान में रहता है तथा ईसाई धर्म के प्रचार के साथ-साथ मतांतरण का कार्य कर रहा है। वह विगत छह वर्ष से गढ़वा में विभिन्न स्थानों पर किराए के मकान में रहकर इस कार्य में लगा हुआ हैं। आशुतोष आनंद द्वारा ही आंध्र प्रदेश से प्रचार टीम को गढ़वा बुलाया गया है ताकि वह अपने अभियान को तेज कर सके। बताया जा रहा है कि इस टीम के सदस्य गढ़वा जिला मुख्यालय में 60 की संख्या में हैंजो शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को ईसाई धर्म के बारे में बताते हैंपुस्तकें देते हैं तथा मतांतरित होने के लिए प्रेरित करते हैं। इनमें कुछ नगर परिषद के आश्रय गृह मेंतो कुछ किराये के घर में रह रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *